रांची. स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि कांके स्थित रिनपास परिसर में खुलने वाले टाटा के कैंसर अस्पताल में राज्य के 50 फीसदी मरीजों का फ्री में इलाज होगा। अस्पताल में राज्य के रोगियों के लिए 50 प्रतिशत सीट आरक्षित रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि टाटा कंपनी के लीज नवीकरण के समय सरकार के साथ गरीब मरीजों के इलाज में 25 करोड़ रुपए सालाना मदद देने के एग्रीमेंट के आधार पर अब तक टाटा कंपनी पर बकाया 300 करोड़ रुपए की वसूली सरकार जल्द करेगी।
विधायक के सवाल का दिया जवाब
शुक्रवार को अल्पसूचित प्रश्न के समय विधायक प्रदीप यादव ने यह मामला उठाते हुए कहा कि कांके कैंसर अस्पताल में साथ ही 50 फीसदी मरीजों का फ्री में इलाज होना चाहिए। क्योंकि सरकार कंपनी को 23.5 एकड़ जमीन फ्री में दे रही है। अगर फ्री में इलाज नहीं होगा तो सरकार फ्री में जमीन क्यों देगी। फ्री में इलाज होगा तो राज्य की जनता को फायदा होगा। इतना ही नहीं राज्य के ज्यादा से ज्यादा मरीजों का इलाज होना चाहिए। अर्थात आरक्षित सीटों के अलावा भी राज्य के मरीज आए तो उनका भी इलाज होना चाहिए। मंत्री चंद्रवंशी उनके ही सवालों का जवाब दे रहे थे।
30 वर्षों की लीज पर दी गई जमीन
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि टाटा को यह जमीन 30 वर्षों की लीज पर एक रुपए के टोकन मनी पर उपलब्ध कराई गई है। बीपीएल रोगी के अलावा वैसे रोगी जो केंद्र या राज्य सरकार के बीमा योजना या लोक स्वास्थ्य योजना के दायरे में हैं, उन्हें ऐसी योजनाओं के तहत स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसी क्रम में प्रदीप यादव ने कहा कि टाटा लीज नवीकरण 2005 में हुआ था। तब जो एग्रीमेंट हुआ था, उसके अनुसार कंपनी को हर साल 25 करोड़ रुपए गरीब मरीजों के इलाज के लिए झारखंड सरकार को देना था।
टाटा कंपनी पैसा सरकार को नहीं दे रही
प्रदीप यादव ने कहा कि टाटा कंपनी पैसा सरकार को नहीं दे रही है। इसलिए सरकार इसकी वसूली करे। तब स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कंपनी द्वारा यह राशि तीस वर्षों तक या योजना अवधि तक देना है। 2015-16 से तीन साल तक प्रतिवर्ष 25 करोड़ रुपए सरकार को मिला है। तब प्रदीप यादव ने कहा कि साल 2005 में हुए एग्रीमेंट के बाद से अब तक कंपनी पर 300 करोड़ रुपए इस मद में बकाया रह गया है। सरकार इसे वसूल करे।
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