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29 Aralık 2018 Cumartesi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंदरी यूरिया कारखाना चालू किया...आयुष्मान भारत भी यहीं से शुरू

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रांची. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर को रांची से ही महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत-पीएम जय योजना लॉन्च की। दुनिया की सबसे बड़ी जनस्वास्थ्य बीमा योजना मानी जा रही इस स्कीम में गोल्डन कार्डधारी हर गरीब परिवार को 5 लाख सालाना का स्वास्थ्य बीमा मुहैया करवाया जा रहा है। झारखंड के लिए गर्व की बात ये है कि पूरे देश को ये सौगात राज्य की धरती से ही मिली है। इसी दिन चाईबासा और कोडरमा में बनने वाले मेडिकल कॉलेजो का भी ऑनलाइन शिलान्यास किया गया।

    • 1952 में बना था कारखाना, वर्ष 2000 में बंद हो गया था
    • 700 करोड़ रुपए के निवेश से आखिरकार मिला पुनर्जीवन

    जिस सिंदरी खाद कारखाने का आधार 2 मार्च 1952 को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु ने रखा था, वह साल 2000 में बंद हो गया। उसे साल 2018 में पुन: नया जीवन मिला। 7000 करोड़ निवेश से मोदी सरकार ने इस कारखाना को पुन: चालू किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका शिलान्यास करने धनबाद आए। साल 2020 से यह कारखाना हर साल 12 लाख मिट्रिक टन यूरिया देश को देगा।

    • राज्य के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा मुंबई या अन्य शहर
    • यहां मिलेंगी कोलकाता के टाटा कैंसर अस्पताल जैसी सुविधाएं

    मुख्यमंत्री रघुवर दास और टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन टाटा ने 11 नवंबर को कदमा (कांके) में रांची कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का शिलान्यास किया। यह झारखंड सरकार और टाटा ट्रस्ट का साझा उपक्रम होगा। शिलान्यास के बाद मुख्यमंत्री और रतन टाटा ने कहा कि दो साल में यह अस्पताल शुरू हो जाएगा। इसके बाद राज्य के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए मुंबई या अन्य शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। कुल 302 बेड के इस अस्पताल में 50% स्थान राज्य के मरीजों के लिए आरक्षित होगी। 23.5 एकड़ में बनने वाले इस अस्पताल में 14 ऑपरेशन थिएटर भी होंगे। यहां कोलकाता के टाटा कैंसर अस्पताल जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

    • पत्थलगड़ी लंबे समय तक पूरे राज्य के लिए समस्या बना रहा
    • लोगों को भड़काने वाले आरोपियों को पकड़ने के लिए अबतक चल रहा अभियान

    राज्य में पत्थलगड़ी की परंपरा प्राचीन है...मगर 9 जून, 2017 से इस परंपरा की आड़ में संविधान की भ्रामक व्याख्या कर जनता को बहकाने का एक एेसा भ्रमजाल बुना गया जो लंबे समय तक पूरे राज्य के लिए समस्या बना रहा। आखिरकार लोगों ने खुद ही बहकावों और भ्रम के इस जाल को तोड़ डाला। 11 जून, 2017 को पत्थलगड़ी करने वाले दूसरे गांव चितरामू ने 19 जुलाई, 2018 को सबसे पहले भ्रम फैलाने वाला पत्थल ढहा दिया। पत्थलगड़ी की आड़ में लोगों को भड़काने वाले आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस का सघन अभियान अब तक जारी है। लोगों ने खुद ही उनके भ्रामक प्रचार को नकार दिया।

  1. चतरा जिले के मगध-आम्रपाली कोल परियोजना में टेरर फंडिंग मामले का भास्कर ने खुलासा किया। मामले की जांच की जिम्मेवारी एनआईए ने संभाली। एनआईए ने मामले की जांच की जिम्मेवारी संभालते ही खनन कंपनी के प्रमुख के हजारीबाग स्थित घर व दफ्तर पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। यहां से एनआईए को एक डायरी भी मिली, जिसमें दर्ज सूचनाएं के आधार पर छापेमारी की। एनआईए ने आधुनिक पावर के जीएम संजय जैन, ट्रांसपोर्टर सुधांशु रंजन, मास्टर माइंड सुभान खान, बिंदेश्वर गंझू ू, कोहराम सहित कई को गिरफ्तार किया। अबतक 14 आरोपियों के खिलाफ एनआईए ने चार्जशीट दाखिल कर दी है।

  2. सालभर विधायक ढुल्लू महतो और सांसद रवींद्र पांडेय आपस में उलझे रहे। इनके बयानों से राजनीति गर्म भी हुई और अमर्यादित भी...। भाजपा के दोनों नेताओं के वाक युद्ध ने प्रदेश नेतृत्व को परेशान रखा।

    • दुमका के मसानजोर डैम के विवाद का मामला 2018 में ईस्टर्न जोन की बैठक में उठा, मगर हल नहीं हो पाया।
    • गेतलसूद में फूड पार्क इस साल भी शुरू नहीं हो पाया। कृषि समिट में आए बाबा रामदेव ने इसे पुन: चलाने का जिम्मा लिया है।
    • राज्य को नक्सलमुक्त बनाने की डेडलाइन दिसंबर, 2017 थी, फिर 2018 हुई। समस्या कम हुई, मगर नक्सल से मुक्ति नहीं मिल पाई।


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      रांची के प्रभात तारा मैदान में आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत के वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रघुवर दास।(फाइल फोटो)
      , title:Dainik Bhaskar, url: http://bit.ly/2EVVIql , author: ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) , feed_url: http://bit.ly/1PKwoAf, }

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