रांची. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य को बसाने में विस्थापित परिवारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। झारखंड राज्य को विस्थापन विरासत में मिली थी। वर्तमान सरकार के गठन के बाद से ही सरकार का यह लक्ष्य रहा है कि पहले पुनर्स्थापन फिर विस्थापन। राज्य में जितने भी विस्थापित परिवार हैं, उन्हें पक्के मकान बनाकर देना राज्य सरकार की प्राथमिकता रही है। नवनिर्मित विधानसभा परिसर के आसपास क्षेत्र में जितने भी गरीब परिवार के लोग झुग्गी झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं, उन्हें किसी एक स्थान पर कॉलोनी बनाकर प्रति परिवार को 2 रूम, किचन, शौचालय वाला एक यूनिट सरकार द्वारा दिया जाएगा। उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हटिया विस्थापित परिवार समिति द्वारा आयोजित वनभोज सह सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा- आदर्श कॉलोनीे की तर्ज पर विकसित होने वाले कॉलोनी में मैरिज हॉल, पार्क इत्यादि की भी सुविधा रहेगी। गरीब परिवार के लोगों को घर के साथ साथ भोजन की भी व्यवस्था हो इसके लिए रोजगार भी उपलब्ध कराए जाएंगे। वैसे गरीब बच्चे-बच्चियां जो कम पढ़ी-लिखी हैं, उन्हें हुनरमंद बनाया जाएगा। अनस्किल्ड बच्चे-बच्चियों को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर स्किल्ड बनाया जाएगा ताकि वे रोजगार से जुड़ सकें और सम्मान की जिंदगी जी पाएं।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य की सबसे बड़ी पंचायत विधानसभा आपके जमीन पर ही बना है, आपने विस्थापित होकर जमीन दिया है। आप सभी विस्थापितों का सर्वांगीण विकास हो, यह सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने विस्थापित परिवार के लोगों से यह अनुरोध किया कि वे अपने बच्चे बच्चियों को कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित अवश्य करें। आप अपने बच्चे बच्चियों की एक लिस्ट तैयार करें। राज्य सरकार उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण के तहत स्किल्ड करेगी।
उन्होंने कहा- राज्य सरकार ने कौशल विकास के लिए 700 करोड़ रुपए की बड़ी राशि बजट में रखी है ताकि राज्य के युवा प्रशिक्षित होकर झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों और शहरों में नौकरी पा सके। उन्होंने कहा कि राज्य में अभी बहुत सारे छोटे बड़े उद्योग स्थापित हो रहे हैं। टैक्सटाइल इंडस्ट्रीज के क्षेत्र में भी रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। हाल के दिनों में रांची के नामकुम में एक टैक्सटाइल इंडस्ट्री का उद्घाटन भी हुआ है, जहां पर एक हजार युवक-युवतियों को नौकरी मिली है। अभी रांची में स्मार्ट सिटी, हाई कोर्ट, विधानसभा इत्यादि बने हैं जल्द ही नवनिर्मित इन आधारभूत संरचनाओं के आसपास क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन होगा। प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, हाउसकीपिंग इत्यादि की आवश्यकता पड़ेगी। उन्होंने कहा कि हमारा मानव संसाधन दक्ष होगा तो रोजगार भी तेजी से बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में से एक है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ हम सब की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार जनवरी 2019 से मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की शुरुआत की जा रही है। इस योजना के तहत बेटी के जन्म पर उसकी मां के खाता में सीधे 5000 रुपए जमा किए जाएंगे। डीबीटी के माध्यम से पहली, पांचवी, आठवीं और 12वीं कक्षा में जाने पर 5000 रुपये सीधे मां के खाते में जमा किए जाएंगे। बेटी जब 18 साल की हो जाएगी और अविवाहित रहने पर उसकी मां के अकाउंट में सीधे 10,000 रुपए जमा किए जाएंगे। इसके बाद उसके विवाह के लिए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सीधे 30 हजार रुपए का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह भी है कि बच्चियों का ड्रॉपआउट न हो। साथ ही साथ कम उम्र में बच्चों की शादी नहीं हो इसके लिए प्रोत्साहन राशि 18 वर्ष तक दी जाएगी।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि वर्तमान सरकार महिलाओं के सम्मान में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक उन्नयन हो इसके लिए सखी मंडलों को बैंक से ऋण मुहैया कराकर कई प्रकार के विभिन्न रोजगार से जोड़ा गया है। देश में झारखंड पहला ऐसा राज्य है, जहां पर महिलाओं के नाम पर 50 लाख तक की संपत्ति की रजिस्ट्री मात्र 1 रुपए में कराई जा रही है। राज्य की 1 लाख 20 हजार महिलाओं ने अब तक इसका लाभ लिया है और अपने संपत्ति की मालकिन बनी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी जन कल्याणकारी योजनाओं का संचालन गांव, गरीब और किसान को देखते हुए किया है। किसानों की आय दोगुनी करना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार ने किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए यह घोषणा की है कि राज्य के किसानों को हरेक वर्ष खरीफ फसल के लिए प्रति एकड़ 5000 की सहायता राशि खाद एवं बीज खरीदने के लिए दी जाएगी। किसान वर्ग के लोग अपने विवेक से पैदावार बढ़ाने के लिए इस राशि का उपयोग कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने लोगों से यह अपील किया कि जैविक खेती की ओर किसान ज्यादा से ज्यादा ध्यान दें। किसान द्वारा उत्पादित सब्जियों का मार्केटिंग राज्य सरकार करेगी। झारखंड की सब्जियों की डिमांड यूरोप और दुबई जैसे कई देशों में काफी है। बाजार सरकार उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार गरीबों के उन्नयन के प्रति समर्पित सरकार है। उन्होंने कहा कि मैं भी एक गरीब परिवार से ही आया हूं। इस गरीब परिवार के लड़के को आप सबों ने राज्य का मुख्य सेवक बनने का मौका दिया है। मैं आप सबों को यह विश्वास दिलाता हूं कि वर्ष 2019 गरीबी उन्मूलन का वर्ष होगा। गांव गरीब और किसान समृद्ध होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि 2022 तक सभी गरीब बेघर लोगों को पक्के मकान उपलब्ध कराना है परंतु राज्य कि वर्तमान सरकार का लक्ष्य है कि 2020 तक ही हम राज्य के सभी गरीब बेघर लोगों को घर उपलब्ध कराएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में बदलाव के लिए आया हूं। आप सभी को साथ जोड़कर आगे बढ़ना है। विस्थापित परिवारों को राज्य सरकार पट्टा उपलब्ध करवा रही है ताकि उन्हें पहचान पत्र इत्यादि बनाने में कोई दिक्कत नहीं हो। राज्य सरकार विस्थापितों को मालिकाना हक दे रही है। जिस आशा और उम्मीद के साथ श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने अलग राज्य का निर्माण कराया था, उस उम्मीद और आशा पर हमें खरा उतरना है। राज्य बनने के बाद 14 वर्ष दुर्भाग्यवश राजनीतिक स्थिरता रहने के कारण जितना विकास होना था, उतना विकास अभी नहीं हो पाया है। अभी और अच्छे काम करने बाकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वनभोज के माध्यम से आप सबों के बीच आने का अवसर मिला है। समिति को मैं साधुवाद देता हूं और यह मैं आश्वस्त करता हूं कि आप विस्थापित परिवारों की छोटी-छोटी समस्याओं का निराकरण जल्द ही कर दिया जाएगा। इस अवसर पर विधायक राम कुमार पाहन, हटिया विस्थापित परिवार समिति के अध्यक्ष पंकज शाहदेव, उपाध्यक्ष कलाम आजाद, उपाध्यक्ष मेघनाथ महत्व, संरक्षक करमा उरांव, संरक्षक अशोक शाहदेव, सचिव महावीर मुंडा, सदस्य झारखंड राज्य स्वतंत्रता सेनानी कोष लाल प्रवीर नाथ शाहदेव सहित हटिया विस्थापित परिवार के लोग एवं अन्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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