रांची. नसर्री व अन्य कक्षाओं में बच्चों के नामांकन के लिए आधार कार्ड मांगा जा रहा था। जिसके खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) ने अक्टूबर से लड़ाई लड़ी। इसका परिणाम यह हुआ कि प्राथमिक शिक्षा निदेशक विनोद कुमार ने सभी जिला के शिक्षा अधीक्षक, उपायुक्त, सभी क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक व सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को आधिकारिक तौर पत्र निर्गत करके सूचित किया कि झारखंड के किसी भी प्रकार के स्कूल में आधार कार्ड की अनिवार्यता नहीं होगी। सरकार की ओर से एक पत्र आम आदमी पार्टी को भी पत्र भेजा गया है। यह जानकारी गुरुवार को आप के प्रदेश सचिव राजन कुमार सिंह ने आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दी।
उन्होंने बताया कि रांची के डीपीएस, सरला बिरला, बिशॉप वेस्टकॉट समेत कई निजी स्कूलों में नर्सरी तथा अन्य कक्षाओं के दाखिले में आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर आप पार्टी शुरू से विरोध कर रही थी। पार्टी ने इसे साफ तौर सुप्रीम कोर्ट का अवमानना बताया था। क्योंकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कोई भी निजी संस्था आधार कार्ड नहीं मांग सकती। एक महीने की लड़ाई के बाद आखिरकार सरकार ने निजी स्कूलों द्वारा आधार कार्ड लेने से रोकने के लिए गंभीर हुई। प्रेस कांफ्रेंस में आप पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण मुंडा, हटिया प्रभारी जाबिर हुसैन, प्रियूष झा और प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश कुमार मौजूद थे।
-
प्राथमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी पत्र में सभी जिला शिक्षा अधीक्षक से कहा गया कि अपने स्तर से सभी प्रकार के निजी स्कूलों को निर्देश दें कि एडमिशन में आधार कार्ड नहीं मांगा जाए। इसके अलावा स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से आम जनता को अवगत भी कराएं।
-
साथ ही जिला स्तर पर इस बिंदू पर नजर भी बनाए रखें। आप के सचिव ने इस संबंध में बताया कि मामले को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने 22 अक्टूबर को मानव संसाधन विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह से शिकायत की थी। तब उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया था। लेकिन निजी स्कूलों पर कोई असर नहीं पड़ा। वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सिरे से नकारते हुए आधार कार्ड की अनिवार्यता जारी रखे रहे। जब 10 नवंबर को जिला शिक्षा अधीक्षक विजय सिंह से शिकायत की गई तो उनका कहना था कि झारखंड सरकार की ओर से आदेश है स्कूलों में आधार कार्ड अनिवार्य करें। तब पार्टी ने स्पष्ट कहा कि अगर निजी विद्यालयों ने दाखिले में आधार कार्ड की अनिवार्यता एक सप्ताह में खत्म नहीं की, तो सरकार और निजी विद्यालयों के खिलाफ आम आदमी पार्टी हाईकोर्ट में केस करेगी। इसके बाद आदेश जारी किया गया।
आप पार्टी की ओर से कहा गया कि अब सरकारी स्कूलों की बदहाली और प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। यहां निजी स्कूलों की मनमानी चरम पर है। जबकि, दिल्ली में हमारी सरकार ने तीन साल में फीस के रूप में एक रुपए भी बढ़ोत्तरी नहीं करने दी। लेकिन यहां सरकार लगाम लगाने में पूरी तरह विफल है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today , title:Dainik Bhaskar, url: https://ift.tt/2Qos4PT , author: ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) , feed_url: https://ift.tt/1PKwoAf, }
0 yorum:
Yorum Gönder