रांची. शहर में घंटों बिजली गुल रहना आम बात हो गई है। कभी लोकल फॉल्ट के नाम पर तो कभी मरम्मत या अन्य किसी वजह से। लोग परेशान रहते हैं, पर उनके बस में कुछ नहीं होता। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि अगर शहरी क्षेत्र में छह घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 12 घंटे बिजली कटी तो आप मुआवजे के हकदार हैं। बिजली उपभोक्ताओं के अधिकारों को लेकर बुधवार को विद्युत उपभोक्ता सलाहकार समिति की पहली बैठक में इस पर चर्चा हुई। विद्युत नियामक आयोग के सदस्य आरएन सिंह ने कहा-बिजली मौलिक जरूरत है। बिजली वितरण कंपनियों को बताना चाहिए कि ऐसी स्थिति में मुआवजे के लिए उपभोक्ता कहां शिकायत करें।
अधिकारों की जानकारी देने के लिए सात सदस्यीय कमेटी बनाई
उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों की जानकारी देने के लिए कमेटी बनाई गई। कमेटी 45 दिनों में विद्युत लोकपाल को रिपोर्ट देगी। लोकपाल की अनुशंसा पर आयोग उपभोक्ता अधिकारों के लिए रेगुलेशन लाएगा। कमेटी में रांची, हजारीबाग और दुमका उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के चेयरमैन, डीवीसी, जुस्को, सेल व टाटा स्टील के उपभोक्ता फोरम के चेयरमैन भी हैं।
विद्युत पारा लीगल वॉलेंटियर बनाने का भी सुझाव दिया गया
विद्युत लोकपाल पीपी पांडेय ने कहा-उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए फोरम है। ज्यादातर फोरम के चेयरमैन जिले के रिटायर्ड प्रधान जज हैं। उन्होंने विद्युत पारा लीगल वॉलेंटियर बनाने का भी सुझाव दिया। उपभोक्ताओं को कानूनी जानकारी देने के लिए तीन बार वितरण कंपनियों को पत्र लिखा, पर जवाब नहीं मिला। वितरण कंपनी के जीएम कान में रूई डालकर सोए रहते हैं।
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