{content: रांची | आदिवासी मूलवासी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को रांची कॉलेज स्थित केंद्रीय पुस्तकालय में बैठक की गई। इसमें शिक्षाविद् डॉ. करमा उरांव, आदिवासी जन परिषद के अध्यक्ष प्रेम शाही मुंडा, आरक्षण अधिकार मोर्चा के अजय चौधरी, केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की, आदिवासी केंद्रीय परिषद की निरंजना हेरेंज, आदिवासी युवा मोर्चा के अजय टोप्पो सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि रघुवर शासनकाल में झारखंडियों की नौकरी, खनिज संपदा, ठेका पट्टा, जमीन जायदाद षड्यंत्र कर कब्जा किया जा रहा है। इसलिए सरकार से लड़ने के लिए एकताबद्ध तरीके से संघर्ष तेज करना होगा।
प्लस टू शिक्षक नियुक्ति में 75 प्रतिशत बाहरी अभ्यर्थियों को नौकरी देने, पारा शिक्षकों पर लाठी चार्ज की निंदा की गई। वहीं, पाराशिक्षकों पर मुकदमा अविलंब बिना शर्त वापस लेने का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में चंदन कुश्वाहा, भोला प्रसाद, किष्टो कुजूर, एल्विन टोप्पो, जेवियर खलखो, दीपक लोहरा, शंकर मुंडा और दीपक भगत सहित कई लोग उपस्थित थे। यह जानकारी प्रेम शाही मुंडा ने दी।
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