रांची. आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा कि गांवों के गरीब और वंचित के जज्बात से सिस्टम खेल रहा है। सरकार के नियंत्रण से ये सिस्टम बाहर है। वे जहां जा रहे हैं वंचित लोगों की एक ही आवाज सुनाई पड़ रही है पेंशन, राशन और आवास नहीं मिलता। स्कूल भवन तो है, पर टीचर नहीं अस्पताल है, तो डॉक्टर दवा नहीं। इसके उपर गांव और पंचायत की बात सुनी नहीं जाती। मानो लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव हिला कर रख दी गई है। स्वराज स्वाभिमान यात्रा में गुरुवार को ईंचागढ़ पहुंचे महतो ने ये बातें कहीं।
कुराली में शहीद अजीत महतो को श्रद्धांजलि देते हुए सुदेश महतो ने पद यात्रा शुरू की और देर शाम तक उन्होंने खूंटी, चौका मोड़, पालगम, मतकमडीह, बांती, धतकीडीह, चिलगू, हाड़डीह में चौपाल लगाकर लोगों से सीधी बात की। खूंटी की चौपाल में गांव की महिलाओं ने सरकार योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों की हकीकत बताई। सबकी सुनने के बाद महतो ने कहा कि ये पेंशन, राशन और आवास से जुड़ी योजनाएं दशकों पुरानी है। सरकार इन योजनाओं पर अरबों खर्च करती है, लेकिन इसके असली हकदार लाभ पाने से वंचित रहते हैं और जिन्हें लाभ मिल भी गया, तो इसके लिए उन्हें सरकारी तंत्र के पास उन्हें तमाम आरजू मिन्नत करनी होती है।
उन्होंने कहा कि वे सरकार बनाने या बचाने के लिए गांव-गांव नहीं निकले हैं और ना ही इस काम के लिए मीलों पैदल चल रहे हैं, उनका मकसद झारखंड विचारों को स्थापित करते हुए आम लोगों का स्वाभिमान जगाना है। अभी की राजनीति में यही हावी है कि योजना के शिलान्यास उद्घाटन या चुनावी सभा के दौरान नेता और जनता आमने-सामने होती या कोई संवाद साझा हो पाता है। गांवों में बैठकर आम लोगों की भावना-जरूरत को समझने की नौकरशाही ने कोशिश नहीं की और सरकार भी इसकी अनदेखी करती रही। लेकिन हमारे अभियान का देर सही असर तो होगा और आम आदमी की आवाज भी अब सत्ता सचिवालय तक पहुंचेगी।
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