खूंटी. खूंटी एवं आसपास के छह लड़कियां मानव तस्करी होने से बच गई हैं। उन लड़कियों को दिल्ली जाने के क्रम में रांची रेलवे स्टेशन से रेस्क्यू किया गया था। गुरुवार को बाल संरक्षण समिति के द्वारा उन्हें बाल संरक्षण आयोग खूंटी को सौंपा गया। ट्रैफिकिंग की शिकार पांच लड़कियों को आशा किरण संस्था भेजा गया एवं एक बच्ची को उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
एक लड़की का उसके मामा ने ही किया था सौदा
बाल अधिकार कार्यकर्ता बैजनाथ कुमार ने बताया कि चाइल्ड लाइन के द्वारा अक्टूबर माह में दिल्ली जाने के क्रम में छह लड़कियों को रेस्क्यू किया गया था। रांची के प्रेमाश्रय संस्था में उन्हें रखा गया था। सभी लड़कियां खूंटी एवं आसपास की रहने वाली थी। इसी कारण उन्हें सीडब्ल्यूसी रांची द्वारा खूंटी भेजा गया है। बैजनाथ कुमार ने बताया कि बरामद लड़कियों में से एक लड़की ने बताया कि उसके मामा ने ही उसे दिल्ली में बेच दिया था। वह वहां से भाग कर रांची पहुंची थी। जहां से चाइल्ड लाइन की टीम ने उसे बरामद कर प्रेमाश्रय संस्था में रखा था।
एक अन्य मामले में दो लड़कों का भी रेस्क्यू
उन्होंने कहा कि लड़कियों की पढ़ाई-लिखाई एवं बेहतर देखभाल की जाएगी। उन्होंने बताया कि एक अन्य मामले में दो लड़कों को भी रेस्क्यू किया गया है। उन्हें भी खूंटी कार्यालय को सौंपा गया है। दोनों लड़के को सहयोग विलेज संस्था भेजा गया है। उन्होंने बताया कि वह दोनों लड़के भी दिल्ली जा रहे थे। बाल अधिकार कार्यकर्ता बैजनाथ कुमार ने बताया कि खूंटी मानव तस्करी का केंद्र बन गया है। यहां से मानव तस्कर भोले-भाले ग्रामीणों को सब्जबाग दिखाकर दिल्ली में बेच देते हैं। उन्होंने कहा कि कई मानव तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कुछ मानव तस्कर जेल से निकल कर पुनः इस धंधे में जुट गए हैं।
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