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1 Kasım 2018 Perşembe

18 लाख ले फ्लैट नहीं देने पर बिल्डर समेत 3 गिरफ्तार, 16.70 लाख दे छूटे

{content: अपर बाजार के व्यवसायी सह बिल्डर दीपक अग्रवाल और उनके दो सहयोगी अमित अग्रवाल और पायल अग्रवाल गुरुवार को जेल जाने से बच गए। प्रथम श्रेणी की न्यायिक दंडाधिकारी कविता अंजलि टोप्पो की अदालत ने तीनों को सुलहनामा के आधार पर जमानत दे दी। कोतवाली पुलिस ने तीनों को गुरुवार तड़के धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। इस दौरान तीनों ने उन पर केस दर्ज करनेवाले सिद्धार्थ शर्मा को चेक के माध्यम से बकाया राशि 16 लाख 70 हजार रुपए का भुगतान कर दिया। पैसे का भुगतान होेने और सुलह होने के बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों को जमानत दे दी। साथ ही निर्धारित तिथि को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया।

बिल्डर समेत तीनों के खिलाफ अपर बाजार के व्यवसायी सिद्धार्थ शर्मा ने वर्ष 2017 में शिकायतवाद दर्ज कराया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि निर्माणाधीन बहुमंजिली इमारत में 1300 वर्गफीट का एक फ्लैट लेने के लिए उन्होंने बिल्डर को ₹18 लाख रुपए का भुगतान किया था। लेकिन बिल्डर न तो उन्हें फ्लैट दे रहे हैं और न ही उनके पैसे लौटा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने तीनों के खिलाफ कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। कोर्ट ने आरोपियों को शिकायतकर्ता को पैसे लौटाने का आदेश दिया था। कुछ ही पैसे लौटाने पर इनके खिलाफ एक अक्टूबर को गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। इसी वारंट के आधार पर कोतवाली पुलिस ने तीनों को गुरुवार तड़के उनके अपर बाजार स्थित घर से गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। थाने में तीनों को छुड़ाने की पैरवी करने कई व्यवसायी पहुंचे थे।

इधर, लोन दिलाने के नाम पर हरमू रोड की फायनेंस कंपनी ने कई लोगों से ठगे पैसे, भागी

रांची |लोन दिलाने के नाम पर कई लोगों से ठगी कर फायनेंस कंपनी फरार हो गई। अरगोड़ा थाना में गुरुवार को ठगी की शिकायत लेकर कई पीड़ित पहुंचे और हरमू रोड स्थित पूर्वांचल बिजनेस सोल्यूशन कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। दर्ज प्राथमिकी में कंपनी के विकास चंद्र, भूपेंद्र मधुकर, रजनीश कुमार और राजीव रंजन को आरोपी बनाया गया है। पीड़ितों का आरोप है कि सभी ने लोन दिलाने के नाम पर प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर ढाई से तीन हजार रुपए की वसूली की, लेकिन एक व्यक्ति को भी लोन नहीं मिला। जब कुछ दिनों से कंपनी के दफ्तर में ताला लगा हुआ था। यह देख कर लोगों ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि कंपनी के लोग ऑफिस में ताला लगाकर फरार हो गए। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। कंपनी ने कितने लोगों के साथ ठगी की, इसकी जानकारी नहीं मिली है। पीड़ितों का कहना है कि अगर मामले की गहराई से जांच हुई तो सैकड़ों लोग सामने आएंगे।

दवा घोटाला : सात वर्षों से फरार आरोपी मुंबई में धराया

रांची | वर्ष 2009 के 130 करोड़ के दवा घोटाला में 7 साल से फरार आरोपी रियाज खान फरीदी को सीबीआई ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। उसे शुक्रवार को रांची स्थित सीबीआई के स्पेशल जज एके मिश्रा के कोर्ट में पेश किया जा सकता है। उसके खिलाफ कोर्ट ने पहले ही कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया है। इस मामले में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही, पूर्व स्वास्थ्य सचिव डॉ. प्रदीप कुमार, सियाराम सिंह समेत कई आपूर्तिकर्ता आरोपी बनाए गए हैं। इसमें गवाही की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इनके खिलाफ सीबीआई पहले ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

रजिस्ट्री मामला : आईटी सोल्यूशन की याचिका पर सरकार से मांगा जवाब

रांची | करार समाप्त होने के बाद रजिस्ट्री से संबंधित संसाधन और मैनपावर वापस दिलाने की आईटी सोल्यूशन कंपनी की मांग से संबंधित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में कोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा है कि इस मामले में शर्त के अनुसार कंपनी अगर रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेजों के वॉल्यूम सरकार को सौंप देती है, तो सरकार उसके संसाधन वापस कर सकती है। झारखंड हाईकोर्ट में मामला लंबित होने की बात कह कर इसे नहीं रोका जाएगा। कंपनी ने अपनी याचिका में कोर्ट को बताया है कि पहले वह सरकार के निबंधन कार्य में सेवा दे रही थी। 29 अक्टूबर को सरकार के साथ उसका करार समाप्त हो गया। करार समाप्त होने के बाद भी सरकार उसे मैनपावर और संसाधन वापस नहीं कर रही है। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 20 नवंबर की अगली तिथि सुनिश्चित की है।



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