{content: रांची | इजराइली एंबेसी की अधिकारी माया कुदास ने कहा है कि झारखंड और इजराइल को साथ मिलकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलना चाहिए। इससे झारखंड के किसानों को काफी लाभ होगा। वे लेटेस्ट कृषि तकनीकों से परिचित होंगे। गुरुवार को ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट में आयोजित संगोष्ठी में माया कुदास कृषि तकनीक में इजराइल की प्रगति को रेखांकित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि झारखंड के किसानों ने इजराइल में आकर कृषि की उन्नत तकनीक के बारे में जाना। यह प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए। माया कुदास समेत अन्य इजराइली प्रतिनिधियों ने बाजार आधारित उत्पादन और ड्रिप एरिगेशन पर बल दिया। संगोष्ठी को इजराइल के प्रतिनिधि, वहां की विभिन्न कंपनियों के भारतीय प्रतिनिधि और विशेषज्ञों ने संबोधित किया। कृषि विभाग के संयुक्त सचिव मंजूनाथ भजंत्री ने इजराइली प्रतिनिधियों और अतिथियों का स्वागत किया। मौके पर मौजूद राज्य के किसानों ने कई प्रश्न पूछे, जिसका उत्तर विशेषज्ञों ने दिया। जैप इरीगेशन, नेटाफेन कंपनी और इजराइल केमिकल्स लिमिटेड के प्रतिनिधि ने उन्हें उन्नत खेती के टिप्स दिए।
इजराइल ने किसानों को अनुसंधान केंद्र, बाजार और कंपनियों से जोड़ा
इजराइली प्रतिनिधि डैन अलोफ्फ ने कहा कि इजराइल ने किसानों को अनुसंधान केंद्र, बाजार और कंपनियों से जोड़ा है। वहीं, इजराइली प्रतिनिधि योनी बेंज ने कहा कि झारखंड के किसान खेती के लिए इजराइली तकनीक तो सीखें ही, इससे भी बेहतर यह है कि वे इजराइली अप्रोच भी सीखें। डिमांड बेस्ड एग्रीकल्चर हो।
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