रांची.नगड़ाटोली से अपहृत छात्र युवराज सिंह को रांची पुलिस ने 36 दिन बाद शेखपुरा के बरबीघा (बिहार) से सकुशल बरामद कर लिया है। युवराज सिंह के अपहरण मामले में पुलिस ने चार युवकों को 30 सितंबर को गिरफ्तार किया। इनमें बीरेंद्र पासवान उर्फ कालू (वैशाली, बिहार), परमानंद सिंह (वैशाली, बिहार), सतीश पासवान (नालंदा, बिहार) और अजीत सिंह (वैशाली, बिहार) शामिल हैं।
सिटी एसपी अमन कुमार ने सोमवार को बताया कि इससे पहले इस अपहरण कांड में 21 सितंबर को भी वैशाली से चार युवक गिरफ्तार किए गए थे, जिन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। जेल भेजे गए युवकों में काशी राय, शंकर तिवारी, प्रतीक तिवारी और अर्जुन सिंह चंद्रवंशी शामिल हैं। सिटी एसपी ने यह भी खुलासा किया कि युवराज के अपहरण की योजना उसके साथ रहने वाले साथी ने बनाई थी। फिलहाल सकुशल बरामदगी के बाद युवराज परिजनों को सौंप दिया गया है।
युवराज के मोबाइल से 40 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी पिता मनोज सिंह से :चतरा के हंटरगंज का रहने वाला युवराज सिंह लालपुर थाना क्षेत्र स्थित नगड़ाटोली के शंकर लॉज में रहता था। युवराज योगदा सत्संग कॉलेज, धुर्वा में पढ़ाई करता है और रॉकमैन क्रिकेट कोचिंग संस्थान में क्रिकेट सीखने जाया करता था। उसी दौरान उसकी दोस्ती वैशाली के शंकर तिवारी के साथ किक्रेट कोचिंग में हुई।
पहले दोनों धुर्वा स्थित मुन्ना सिंह के मकान में रहते थे। फिर दोनों लोअर करमटोली स्थित शंकर लॉज में आकर रहने लगे। युवराज एक संपन्न घर का लड़का था, यह शंकर तिवारी को पता था। इसलिए शंकर ने अपने मौसेरे भाई प्रतीक तिवारी समेत अन्य अपराधियों के साथ मिलकर उसके अपहरण की योजना बना डाली।
रक्षा बंधन के पहले शंकर और प्रतीक युवराज को हाजीपुर और पटना घुमाने का लालच देकर साथ ले गए और अपहरण कर लिया। इसके बाद अपराधियों ने युवराज के ही मोबाइल फोन से उसके पिता मनोज सिंह से फिरौती के रूप में 40 लाख रुपए मांगे। इसके बाद 28 अगस्त को लालपुर थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया गया।
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