{content: रांची क्लब में आयोजित दो दिवसीय कर सम्मेलन के दूसरे दिन रविवार को बेनामी संपत्ति एक्ट और जीएसटी पर चर्चा की गई। नई दिल्ली से आए सीए डॉ गिरिश आहूजा ने बेनामी संपत्ति, इसकी लेन देन की परिभाषा, इसके प्रकार व जोखिमों को गहराई से समझाया। इस कानून की विभिन्न धाराओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसी भी संपत्ति के लेन-देन के समय बहुत ही सावधानी बरतनी चाहिए, नहीं तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
आहूजा ने कहा कि किसी भी अचल संपत्ति की खरीद पर इकरारनामा अति महत्वपूर्ण है। इसे अधिकतर लोग दरकिनार करते हैं। उन्होंने कहा कि चल अथवा अचल संपत्ति की खरीद से पूर्व बेनामी संपत्ति के कानून की जानकारी जरूर रखें। बंेगलुरू के नामी सीए वेंकटरमणि ने जीएसटी के तहत ऑडिट और वार्षिक विवरणी की जटिलताओं और इसकी व्यवहारिक समस्याओं को बताया। उन्होंने कहा कि जीएसटी ऑडिट रिपोर्ट साइन करने से पहले सीए बहुत ही सतर्कता बरतें। बहुत सोच-समझ कर आंकड़ों को रिटर्न व ऑडिट रिपोर्ट में भरना चाहिए। न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी ने कहा कि करदाताओं की समस्याओं को सुनने, समझने व उसके निराकरण के लिए काउंसिल की अहम भूमिका है। अंकेक्षण में कानूनी विश्लेषण के लिए विधि विशेषज्ञों व अधिवक्ताओं को भी सीए के साथ शामिल किया जाना चाहिए। आज दो तकनीकी सत्र 'प्रोहिबिशन ऑफ बेनामी प्रोपर्टी ट्रांजेक्शन एक्ट अंडर आईटी एक्ट 1961 ओर 'ऑडिड एंड एनुअल रिटर्न एंड कर्सिव मेजर्स इन जीएसटी'आयोजित किए गए।
अध्यक्षता आयकर न्यायाधिकरण कोलकाता के उपाध्यक्ष पीएम जगताप व अनुभा रावत चौधरी ने की। मौके पर अशोक सर्राफ, संदीप गड़ोदिया, आन्नद पसारी, हरी लाल पटेल, भोला प्रसाद सिन्हा, सुब्रतो दास गुप्ता, दीपक पटेल, अजय कुमार, महेन्द्र चैधरी व अन्य मौजूद रहे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today , title:Dainik Bhaskar, url: http://bit.ly/2OVimRW , author: Bhaskar News Network , feed_url: http://bit.ly/1PKwoAf, }
0 yorum:
Yorum Gönder