दुमका. आजादी के बाद 1952 के प्रथम लोकसभा चुनाव में भी दुमका लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस को झारखंड पार्टी और जनसंघ जैसे विपक्षी दलों के प्रहार से जूझना पड़ा था। तब दुमका लोकसभा क्षेत्र संताल परगना-सह हजारीबाग क्षेत्र कहलाता था। और नारों के बल पर चुनाव लड़े जाते थे। चुनाव जीतने के लिए 'वही हमारा वोट का बक्सा, जिसमें जोड़ा बैल का नक्शा'। 'जोड़ा बैल में मेल नहीं-देश चलाना खेल नहीं' आदि नारे गढ़े जाते थे।
पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेसियाें का उत्साह परवान पर था। पूरे देश में कांग्रेस की बयार बह रही थी। कांग्रेसी चुनाव में बिना किसी तामझाम के ग्रामीण और शहरी इलाके में बैलगाड़ी से घूमते थे अाैर वोट देने की अपील करते थे। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी के विरुद्ध जनसंघ के प्रत्याशी दीया (दीपक) छाप लेकर चुनाव मैदान में उतरे, लेकिन कई क्षेत्रों में वे जमानत भी नहीं बचा पाए। इस चुनाव में जनसंघ के प्रचारकों ने कांग्रेस के खिलाफ नारा दिया कि 'जोड़ा बैल में मेल नहीं, देश चलाना खेल नहीं'। इसके पलट कांग्रेस ने जनसंघ के खिलाफ नारा दिया कि 'दीया में तेल नहीं, चुनाव जीतना खेल नहीं'। लेकिन, नेता और प्रत्याशी व्यक्तिगत आक्षेप और कटाक्ष से बचते थे।
तब...एक सामान्य और एक एसटी चुने जाते थे
प्रथम लोकसभा चुनाव में संतालपरगना-सह-हजारीबाग संसदीय क्षेत्र से एक सामान्य और एक अनुसूचित जनजाति सहित दो प्रतिनिधि चुने जाने का प्रावधान था। यह संसदीय क्षेत्र दुमका, देवघर, धनबाद, गिरिडीह और हजारीबाग तक फैला हुआ था। इस चुनाव में सामान्य सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में देवघर के शिवगंगा गली निवासी रामराज जजवाड़े रिकार्ड मतों से निर्वाचित हुए थे। सामान्य सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में निर्वाचित रामराज जजवाड़े को 1,58,325 और अजजा सुरक्षित सीट से निर्वाचित लाल हेम्ब्रम को 1,45,155 वोट मिले थे।
यजवानों के घरपूजा-पाठ कराने वाले परिवार में हुआ थारामराज जजवाड़े का जन्म
बैद्यनाथ मंदिर में पुरोहित के रूप में यजवानों को पूजा-पाठ कराकर अपने परिवार की जीविका चलाने वाले तीर्थराम जजवाड़े के घर 1904 ई. में रामराज जजवाड़े का जन्म हुआ था। माता शारदा देवी की आंचल में पले-बढ़े रामराज का बचपन में ही शिक्षा के साथ सामाजिक कार्यों से गहरा लगाव हो गया थाा। देवघर के एचई स्कूल और संस्कृत विद्यालय से माध्यमिक स्तर की शिक्षा के दौरान ही वे व्यायाम और सांस्कृतिक कार्यों में रुचि लेने लगे थे।
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