{content: इस घोर कलयुग में रामकथा के सिवा कोई कथा नहीं है। रामकथा से हम अपनी हर व्यथा दूर कर सकते हैं। राम की कथा कल्पतरू है, जिससे सब कुछ मिलता है। ठाकुर हमारे अवध बिहारी हैं और अवध बिहारी हमारे हैं। श्री रामकथा से ही हम अंदर के क्लेश धो सकते हैं। यह उद्गार सोमवार को राजेंद्र भवन स्थित सेक्टर 2 में अयोध्यानगरी धाम में श्रीरामकथा का शुभारंभ करते हुए संत 1008 महामंडलेश्वर राम दास महाराज उपवाक्य फलाहारी बाबा ने व्यक्त किए।
उन्होंने राम कथा का महत्व बताते हुए कहा कि परमात्मा ने 84 लाख योनियों में नर योनि को ही श्रेष्ठ बनाया है। मनुष्य का लक्ष जन्म मृत्यु से परे होना चाहिए। इस भवसागर से पार होना चाहते हैं तो श्री राम कथा सुनना ही एक मात्र विकल्प है, जिससे श्रद्धालु भव से पार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को हमेशा सत्य पर चलना चाहिए और अच्छे कर्म करना चाहिए । इससे पुण्य की प्राप्ति होती है।
सोमवार को कथा शुरू करने के पहले महाराज ने प्रभु का पूजन कराया। कथा में मुख्य यजमान अनिल कुमार शर्मा और उनकी धर्मप|ी सीमा शर्मा द्वारा प्रभु का पूजन संकल्प किया।
उन्होंने महाराज का स्वागत माल्यार्पण कर किया। स्वागत करने वालों में अमित पांडे, बंटी गुहा, चंदन सिंह और श्याम झा भी शामिल थे। स्वामी जी ने बताया कि मंगलवार को सत्संग समय से प्रारंभ होगा। आज की कथा में सैकड़ों भक्तों ने भाग लिया।
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