{content: सिटी रिपोर्टर| रांची
क्या जेल में बंद कैदियों को वोट करने का अधिकार मिलना चाहिए? पक्ष से जवाब आया- अपराध की प्रकृति (छोटा या बड़ा) पर वोटिंग राइट्स मिले। इस पर विपक्षी स्टूडेंट कहते हैं कि अपराध बड़ा हो या छोटा, उसे उसकी गलती की सजा मिलनी चाहिए, उसे वोट देने का अधिकार नहीं हो। इस तरह का तर्क-वितर्क संत जेवियर्स स्कूल, डोरंडा में चल रही जेवियर्स डिप्लोमेसी समिट के दूसरे दिन अाया। शनिवार को तीन सेशन हुए। इसमें पहले दिन की विषय वस्तु को आगे बढ़ाया गया। इसमें एजेंडा द सरोगेसी और द ट्रांसजेंडर्स पर्संस (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) बिल, राष्ट्रीय सुरक्षा, लोकसभा चुनाव में चुनाव सुधार, आतंकवाद व शांति पर चर्चा हुई। यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली में अलग-अलग स्कूल के स्टूडेंट्स विभिन्न देशों के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद थे। यहां आतंकवाद के उन्मूलन अौर विश्व शांति के प्रयास पर चर्चा हुई। कई स्टूडेंट्स का मानना था कि कुछ संगठन अौर राष्ट्र अपनी स्वार्थसिद्धि के लिए युवाअों को आतंकवाद से जोड़ रहे हैं। इस पर कई का कहना था कि एजुकेशन को प्रमोट कर इससे निबटा जा सकता है। रोजगार के अवसर बढ़ा कर भी उन्हें अातंकवाद से जुड़ने से रोका जा सकता है।
ज्वाइंट पार्लियामेंट्री सेशन का एजेंडा द सरोगेसी और द ट्रांसजेंडर्स पर्संस (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) बिल था है। वहीं, स्टेक होल्डर्स मीट में लोकसभा चुनाव में चुनाव सुधार पर वाद-विवाद हुअा। चर्चा राजनीति के अपराधीकरण पर हुई। पीएम मोदी की भूमिका निभा रहे एक स्टूडेंट ने कहा कि राजनीति में आपराधिक छवि के नेताओं की कोई जगह नहीं है।
कैदियों के वोटिंग राइट्स पर स्टूडेंट्स के बीच तीखी बहस
संत जेवियर्स स्कूल, डोरंडा में जेवियर्स डिप्लोमेसी समिट.2019 का दूसरा दिन
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