{content:
सरना समिति अरगोड़ा द्वारा संविधान बचाओ संंबंधित झांकियां निकाली गईं। इसमें यह दिखाने का प्रयास किया गया कि किस प्रकार से संविधान प्रदत्त अधिकारों को शासन-प्रशासन द्वारा आदिवासियों से छीनने का प्रयास किया जा रहा है।
सरहुल की शोभायात्रा में राष्ट्रवाद से जुड़ी झांकियां भी आकर्षण का केंद्र बनीं। कई समितियों ने इसका जीवंत प्रदर्शन किया। इन झांकियों में सेना के शौर्य का चित्रण किया गया था और साथ ही राजनीति और राजनेताओं को कई संदेश दिए गए थे।
आचार संहिता का डर
नेता नहीं चढ़े मंच पर एक शब्द भी नहीं कहा
रांची | सरहुल की शोभायात्रा में कई नेता शामिल हुए, मगर कोई भी मंच पर नहीं चढ़े। न ही एक शब्द कहा। सभी को आचार संहिता का भय सता रहा था। रांची के कांग्रेस प्रत्याशी सुबोधकांत सहाय केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की के साथ शामिल हुए। उन्हें मंच पर आने का इशारा किया गया, मगर वे हाथ जोड़कर आगे बढ़ गए। वहीं पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, रतन तिर्की, प्रभाकर तिर्की, दयामनी बारला, जय सिंह यादव, ललित ओझा आिद न तो मंच पर चढ़े और न ही कुछ बोले।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today , title:Dainik Bhaskar, url: http://bit.ly/2UpcyWM , author: Bhaskar News Network , feed_url: http://bit.ly/1PKwoAf, }
0 yorum:
Yorum Gönder