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डीएवी पब्लिक स्कूल गांधी नगर में डीएवी प्रबंधक समिति, नई दिल्ली के दिशा निर्देशानुसार चल रहे दो दिवसीय शिक्षक क्षमता अभिवृद्धि कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हुआ। इस कार्यशाला में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक कक्षाओं में पढ़ाए जाने वाले विषयों को सरल और रुचि पूर्ण बनाने की नवीनतम शैलियों पर चर्चा की गई। गणित की कठिनाई हो या विज्ञान की जटिलता अथवा भाषा की परेशानी। यहां विशेषज्ञों ने शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया। इस प्रशिक्षण से टीचर्स काफी लाभान्वित हुए। सब्जेक्ट कार्यालय समन्वयक डॉ केसी श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षकों को समय के अनुसार अपने शिक्षण कौशल को विकसित करना चाहिए।
कार्यशाला के समापन के अवसर पर प्राचार्य एसके सिन्हा ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने शिक्षकों की गुणों पर चर्चा करते हुए कहा कि शिक्षक तीन तरह के होते हैं- एक जो अपने विषय में निपुण हो, दूसरा जो अपने विषय में निपुण नहीं होता किंतु उसकी प्रस्तुति प्रभावपूर्ण होती है और तीसरा वो जो अपने विषय में निपुण भी होता है और उसकी प्रस्तुति भी प्रभावपूर्ण होती है। कहा कि तीसरे कैटेगरी का शिक्षक सबसे प्रभावशाली होता है और वह जटिल से जटिल पाठ को भी विद्यार्थियों के लिए आसान बना देता है। वर्तमान में ऐसे ही शिक्षकों की आवश्यकता है। बता दे कि इस कार्यशाला में रांची के 8 स्कूलों के 395 शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
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