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5 Nisan 2019 Cuma

कॉलेज दिखता है खंडहर सा, शौचालय जर्जर, इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या

{content: उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जिले का एक मात्र कॉलेज ने कई कीर्तिमान गढ़े है। पढ़ाई के साथ साथ कई खेल प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर में कॉलेज का नाम रोशन किया है। भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर 1961 में प्रारंभ हुए बिरसा कॉलेज आज अपने बदहाली पर आंसू बह रहा है। वर्तमान समय में लगभग 12500 छात्र-छात्राएं यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। परंतु आज तक कॉलेज के नाम पर जमीन भी हस्तांतरित नहीं की गई है। अपनी जमीन नहीं होने के कारण कई आवश्यक कोर्स प्रारंभ नहीं हो पा रहे हैं। सांसद एवं विधायक निधि से कॉलेज में कमरे बनाए गए हैं। फिर भी कमरोंं की कमी के कारण शिक्षक एवं छात्र कमरे खाली होने का इंतजार कर करते हैं। जिला प्रशासन चुनाव एवं कई मौकों पर कॉलेज परिसर का इस्तेमाल करती है लेकिन कॉलेज के विकास के नाम पर मुंह फेर लेती है। पूर्व में पीजी के अलावा बीएड, एमसीए, बीसीए आदि वोकेशनल कोर्स की शुरूआत की पहल हुई थी, लेकिन सभी ढाक के तीन पात होकर रह गई। कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य डॉ एन पूर्ति ने भी माना कि कॉलेज में कई कमियां हैं। बताया कि जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद यहां कई नए कोर्स प्रारंभ किये जाएंगे। बिरसा कॉलेज की समस्याओं पर दैनिक भास्कर संवाददाता राहुल देव मिश्रा ने कॉलेज के छात्र छात्राओं से बातचीत की। पेश है मुख्य अंश...

कॉलेज की जमीन पर बना दिए स्टेडियम और तीन हेलीपैड, क्लास रूम की भारी कमी, पढ़ाई पर पड़ रहा असर

बिरसा कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष सौरभ कुमार साहू ने कहा कि कॉलेज के नाम पर जमीन नहीं होने के कारण कई आवश्यक कोर्स शुरू नहीं किए जा रहे हैं। सभी ओर से चारदीवारी टूटी हुई है जिसके कारण बाहरी लोग का कॉलेज में जमावड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि कॉलेज की जमीन पर स्टेडियम एवं तीन हेलीपैड बना दिए हैं। जिससे कॉलेज की जमीन कम पड़ जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पढ़ाई में काफी सुधार है। पर्याप्त संख्या में शिक्षक भी उपलब्ध हैं। लेकिन क्लास रूम की भारी कमी है।

साैरव साहू

मैथ ऑनर्स के छात्र मनोज साहू ने कहा कि क्लासरूम की कमी होने के कारण शिक्षक एवं छात्र कमरे खाली होने का इंतजार करते रहते हैं। उन्होंने कहा क्लासरूम में अंधेरा छाया रहता है। साथ ही कॉलेज के बाथरूम की स्थिति भी अत्यंत दयनीय है। महिला कालेज के लिए अलग से क्लास रूम बनना चाहिए।

मनाेज साहू

खूंटी। अर्पणा कुमारी ने कहा कि कॉलेज के प्रयोगशाला में उपकरणों की कमी है। सभी उपकरण पुराने पड़ गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्षों से क्लास रूम एवं कॉलेज का रंग रोगन नहीं होने के कारण बिरसा कॉलेज कॉलेज नहीं खंडहर प्रतीत होता है। शौचालय की स्थिति खराब होने के कारण लड़कियां कॉलेज का शौचालय प्रयोग करने से कतराती हैं उन्होंने कहा की कॉलेज में अविलंब नया महिला शौचालय बनना चाहिए।

अर्पणा कुमारी

बिरसा कॉलेज की बीएससी की छात्रा निधि कुमारी ने कहा कि कॉलेज में बड़ी संख्या में छात्र अनुपस्थित रहते हैं एवं उनकी अनुपस्थिति पर कॉलेज प्रशासन कोई कड़ाई नहीं करता जिसके कारण बड़ी संख्या में छात्र अनुपस्थित रहते हैं। छात्रा निधि कुमारी ने कहा कि कॉलेज में ड्रेस कोड का शक्ति से पालन भी नहीं होता है। उन्होंने कहा की बड़ी संख्या में बाहरी लोगों का जमावड़ा कॉलेज परिसर में होता है जिससे कॉलेज की छात्राएं सहमी रहती है।

निधि कुमारी

भूगोल के छात्र ईदी मुंडा ने कहा कि पहले के मुकाबले वर्तमान समय में कॉलेज में शिक्षक पर्याप्त मात्रा में हैं। उन्होंने कहा कि बिरसा कॉलेज में जल्द से जल्द पीजी स्तर की पढ़ाई प्रारंभ होने चाहिए। जिससे छात्रों को दूर जाने की आवश्यकता ना पड़े। उन्होंने कहा कि कॉलेज में क्लास रूम की कमी है। साथ ही उन्होंने कहा कि छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए कॉलेज प्रशासन को कड़ाई करने की आवश्यकता है।



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