रांची/जमशेदपुर/धनबाद. यूपीएससी-2018 परीक्षा का फाइनल रिजल्ट शुक्रवार को जारी किया गया। दीपक दुबे 46वीं रैंक के साथ झारखंड टॉपर हैं। जमशेदपुर की अन्या दास 60वीं रैंक के सेकेंड व आईआईटी-आईआईएसएम, धनबाद के 2017 बैच के स्टूडेंट रहे जय शिवानी 81वीं रैंक के साथ थर्ड टॉपर रहे हैं। रांची की आंचल श्रीवास्तव 110वीं रैंक के साथ चाैथे स्थान पर रही हैं।
डोरंडा के दीपक को 46वींरैंक
रांची के डोरंडा थाना निवासी दीपक कुमार दुबे को यूपीएससी में 46वींरैंक मिलीहै और वे झारखंड टॉपर हैं। दीपक ने 2016 में भी यूपीएससी में सफलता प्राप्त की थी। उस वक्त उनकीरैंक 492वींथी। दीपक फिलहाल भारतीय रेल यातायात सेवा में प्रशिक्षु अधिकारी हैं। वे उदयपुर में प्रशिक्षण ले रहे हैं। दीपक के पिता निरंजन दुबे एजी कार्यालय में सीनियर ऑडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने 10वीं की परीक्षा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा से की है। 2004 में उन्होंने 12वीं की परीक्षा डीएवी श्यामली से दी। आईआईटी खड़गपुर से बीटेक और आईआईएम बैंगलुरु से एमबीए किया है।
रांची की आंचल तीसरे स्थान पर
रांची की आंचल श्रीवास्तव 110वीं रैंक के साथ चौथे स्थान पर रही हैं। गढ़वा के शिवेंदु भूषण 120वीं रैंक के साथ पांचवें स्थान पर रहे हैं। आईआईटी-आईआईएसएम, धनबाद के माइंनिंग इंजीनियरिंग के स्टूडेंट रहे मणिभूषण सिंह 123वीं रैंक के साथ छठे, धनबाद के ही आलोक कुमार 135 वीं रैंक के साथ सातवें स्थान पर रहे हैं। जमशेदपुर के प्रियांक किशोर को 274वीं रैंक मिली है। सिंदरी के राहुल कुमार दुबे को 365वीं रैंक मिली है। रांची के अरगोड़ा निवासी शिवाशीष कुमार को 368वीं रैंक मिली है। मेकॉन लिमिटेड के कामर्शियल ऑफिस के डायरेक्टर देवराज दास को 529वीं रैंक मिली है। झारखंड से गौरव कुमार को 690वीं रैंक मिली है। डालटनगंज के अनिमेष रंजन को 681वीं रैंक और रांची के जैश कुमार को 703वीं रैंक मिली है।
रांची के तीन सफल अभियर्थियों ने बताया कैसे की परीक्षा की तैयारी
- देवराज दास- रैंक 529
देवराज दास को 529वींरैंक मिलीहै। वे वर्तमान में मेकॉन लिमिटेड में डायरेक्टर ऑफ कमर्शियल ऑफिस में कार्यरत हैं। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से ग्रैजुएशन किया है। उन्हें जिम जाना व बाइक राइडिंग पसंद है। इनकी मां रत्ना दास हाउस वाइफ हैं और पिता गणेश दास बैंक में कार्यरत हैं। देवराज ने बताया कि तीसरे अटेंप्ट में यह रैंक हासिल हुआ है।
- जैश कुमार- रैंक 703
रांची के जैश कुमार ने चौथे अटेंप्ट में 703 रैंक हासिल किया है। साथ ही इस रैंक को और इंप्रूव कर आईएएस बनने का लक्ष्य है। मां मालती देवी टीचर व पिता बीबी राम रिटायर सीनियर डीएसपी हैं। जैश की स्कूलिंग सेंट्रल स्कूल व आर्मी स्कूल से हुई है। वहीं हायर एजुकेशन मरीन इंजीनियरिंग एंड रिसर्च इंस्ट्टियूट कोलकाता से किया है। जैश कहते हैं कि सिविल सर्विसेज के लिए एकाग्रता के साथ लगातार तैयारी करें। पिछली असफलता से सीख लेकर आगे उस गलती को न दुहराएं।
- शिवाशीष कुमार- रैंक 368
अरगोड़ा निवासी शिवाशीष कुमार ने तीसरे अटेंप्ट में 368 रैंक हासिल किया है। उन्होंने 10वीं की पढ़ाई डीएवी कपिलदेव, 12वीं डीपीएस से की है। वहीं ग्रैजुएशन आईआईटी बीएचयू से किया है। पिता राघवेंद्र चौधरी सिंचाई विभाग, रामगढ़ में सहायक अभियंता के रूप में कार्यरत हैं। माता ममता झा हाउस वाईफ हैं। शिवाशीष ने कहा कि आगे रैंक इंप्रूव कर आईएएस बनना चाहते हैं। रांची में ही रह कर तैयारी की है। 10 से 12 घंटा सेल्फ स्टडी की है।
जमशेदपुर: प्रियांक किशोर ने पहले ही प्रयास में हासिल की सफलता
एलएफएस (लिटिल फ्लावर स्कूल) के पूर्व छात्र प्रियांक किशोर ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की है। प्रियांक को 274वां रैंक मिला है। 22 वर्षीय प्रियांक फिलहाल दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के पीजी के छात्र है। पढ़ाई के दौरान प्रियांक ने यूपीएससी की तैयारी की और सफलता हासिल की। प्रियांक ने प्रारंभिक पढ़ाई टेल्को एलएफएस जमशेदपुर से की है। उनका पूरा परिवार मूल रूप से बक्सर का रहने वाला है। प्रियांक के पिता कमल किशोर टेल्को, बर्मामाइंस, सीतारामडेरा समेत कई थानों के थानेदार रह चुके हैं। फिलहाल वे हजारीबाग सदर के एसडीपीओ हैं।
कमल किशोर ने बताया- प्रियांक ने यूपीएससी की तैयारी को लेकर कोचिंग का सहारा नहीं लिया। लगातार 16 घंटे की पढ़ाई की। दिल्ली से प्रियांक ने फोन पर बताया- पढ़ाई के दौरान टाइम मैनेजमेंट सबसे महत्वपूर्ण पहलू था। इसे ध्यान में रखते हुए तैयारी प्रारंभ की। पूरे परिवार का सपोर्ट मिला और आज सफलता मिली है। इस दौरान मोबाइल से दूरी बनाकर रखी। प्रियांक के बड़े भाई प्रांजल किशोर सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं। मां शालिनी पांडे गृहिणी हैं।
जमशेदपुर: सोनारी की अन्या दास को 60वीं रैंक
सोनारी प्रताप अपार्टमेंट निवासी अन्या दास ने 60वीं रैंक हासिल कर शहर को गौरवान्वित होने का मौका दिया है। अन्या दास ने बताया कि यूपीएससी के लिए यह उनका तीसरा प्रयास था। पहले प्रयास में उन्होंने 597वीं रैंक हासिल की थी। इससे उन्हें इंडियन रेलवे पर्सनल सर्विसेज (आईआरपीएस) में पोस्टिंग मिली। फिलहाल वह बड़ोदरा में नेशनल अकादमी ऑफ इंडियन रेलवे में ट्रेनिंग कर रही हैं। दूसरे प्रयास में वह प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) भी पास नहीं कर सकी। लेकिन उसने हार नहीं मानी। अन्या बताती हैं कि उनका सपना यूपीएससी में सफल होना था। इसलिए आईआरपीएस में चयन होने के बाद भी यूपीएससी की परीक्षा देती रही।
अन्या के पिता इंद्रभूषण भुइयां न्यूवोको विस्टास कॉर्प में कार्यरत हैं, जबकि मां सीमा दास गृहिणी हैं। छोटा भाई वी. संभव सेंट जेवियर्स स्कूल (रांची) से बीबीए की पढ़ाई कर रहा है। अन्या ने बताया- फर्स्ट च्वाइस आईएएस है।मालूम हो कि तीन साल बाद शहर की किसी बेटी ने यूपीएससी में सफलता प्राप्त की है। इससे पहले 2015 में मानगो की नेहा सिंह व गोविंदपुर की नेहा ने यूपीएससी में सफलता प्राप्त की थी।
राजेंद्र विद्यालय से हुई स्कूलिंग
अन्या की स्कूलिंग राजेंद्र विद्यालय से हुई थी। इसके बाद कटक की रेवेंसा यूनिवर्सिटी से 2016 में अंग्रेजी साहित्य में स्नातक किया। इसके बाद वे यूपीएससी की तैयारी में जुट गईं। अन्या की इस सफलता से उनके परिजनों व पड़ोसियों में काफी उत्साह है।
धनबाद के आईएसएम से तीन सहित पांच अभ्यर्थी सफल
आईआईटीआईएसएम धनबाद के तीन स्टूडेंट्स सहित जिले के कई अभ्यर्थी यूपीएससी की परीक्षा में सफल हुए हैं। दो अन्य अभ्यर्थियों में एक धनसार के आलोक कुमार को 135वां रैंक और दूसरे सिंदरी के राहुल कुमार दुबे को 365वां रैंक मिला है। आईआईटी धनबाद के 2017 बैच की जय शिवानी को ऑल इंडिया रैंक 81 मिला है। वहीं 2011 बैच के माइनिंग इंजीनियरिंग के छात्र रहे मणिभूषण को 123वां रैंक मिला है। जबकि सागर जैन को 160 वां रैंक प्राप्त हुआहै।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today , title:Dainik Bhaskar, url: http://bit.ly/2VpKVcL , author: Dainik Bhaskar , feed_url: http://bit.ly/1PKwoAf, }
0 yorum:
Yorum Gönder