{content: मुख्यमंत्री रघुवर दास के निर्देश पर पिछले वर्ष कांटाटोली फ्लाईओवर का काम शुरू हुआ था। 15 नवंबर 2019 से पहले फ्लाईओवर का निर्माण पूरा करने का निर्देश नगर विकास विभाग की एजेंसी जुडको को मिला। लेकिन, जुडको और नगर विकास विभाग की लापरवाही में फ्लाईओवर का काम फंस गया है। कांट्रैक्टर ने पिछले एक सप्ताह से फ्लाईओवर का काम बंद कर दिया है। जुडको ने क्वांटिटी वेरिएशन नहीं किया और नगर निगम व ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट करके कांट्रैक्टर को साइट नहीं दिया। इससे काम नहीं हो रहा है। क्वांटिटी वेरिएशन का मामला चुनाव आचार संहिता में फंस गया है। जब तक कैबिनेट की स्वीकृति नहीं मिलती है, तब तक क्वांटिटी वेरिएशन नहीं होगा। ऐसे में लोकसभा चुनाव तक फ्लाईओवर का काम बंद रहेगा। इसके बाद बरसात में धीमी गति से काम होगा। ऐसे में नवंबर तक फ्लाईओवर का काम पूरा होना मुश्किल है। क्योंकि, तेजी से भी काम होगा तो फ्लाईओवर तैयार होने में एक वर्ष का समय लगेगा। कांटाटोली के पास जलापूर्ति पाइपलाइन बिछाने का काम भी बंद है। यहां पर ट्रैफिक डायवर्ट नहीं किया गया।
2 साल में भी फ्लाईओवर को 900 से 1250 मीटर करने का नहीं मिला एप्रूवल
क्या है क्वांटिटी वेरिएशन
जुडको ने कांटाटोली में कुल 900 मीटर लंबा फ्लाईओवर का टेंडर किया था। फ्लाईओवर का एक किनारा कांटाटोली बस स्टैंड के मुहाना से शुरू हो रहा था, इसलिए इसकी लंबाई बढ़ाकर 1250 मीटर किया गया। 1250 मीटर लंबाई बढ़ाने के बाद जुडको को क्वांटिटी वेरिएशन (350 मीटर लंबाई का) का एस्टीमेट तैयार करके कांट्रैक्टर को कार्यादेश सौंपना था। लेकिन, जुडको में एक वर्ष से इसकी फाइल घूम रही है। अब नगर विकास विभाग ने साफ कर दिया है कि फ्लाईओवर की बढ़ी हुई लंबाई की स्वीकृति से कैबिनेट से ली जाएगी।
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